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सनातन धर्म एक प्राचीन धार्मिक परंपरा है जो भारतीय सभ्यता का अभिन्न हिस्सा है. इसे अनन्त और अविनाशी धर्म माना जाता है जिसमें सत्य, धर्म, और अध्यात्म के प्रति विश्वास किया जाता है. सनातन धर्म का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को उसके अध्यात्मिक स्वरूप के साथ जोड़ना है और उसे उसके असली स्वभाव के साथ संपूर्णता में विकसित करना है.इसमें मोक्ष की प्राप्ति, धर्म की शिक्षा, और ध्यान के माध्यम से अपने आत्मा को परमात्मा से मिलाना शामिल है. सनातन धर्म के तत्वों में ध्यान, योग, प्राणायाम, धर्म, ध्यान, कर्म, और मोक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसमें समाज, परिवार, और सम्पूर्ण मानवता के लिए नैतिकता, न्याय, और समर्पण के मूल्यों की प्रशिक्षण भी दी जाती है. सनातन धर्म में कई शाखाएं और प्रांतों में विभाजित होता है, जिसमें हिंदू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, और सिक्ख धर्म शामिल हैं. इन सभी शाखाओं में अपने-अपने सिद्धांत, रीति-रिवाज, और आचार-विचार होते हैं, लेकिन उनका मूल उद्देश्य समान होता है - मनुष्य के आत्मिक और आध्यात्मिक विकास का समर्थन करना. सनातन धर्म का महत्वपूर्ण सिद्धांत रहा है कि सभी जीवों में परमात्मा का निवास है और इसलिए हमें सभी के प्रति सम्मान और प्रेम रखना चाहिए। इस धर्म में समाज की सभी वर्गों को समान अधिकार और संरक्षण की भावना होती है. सनातन धर्म हमें आदर्श जीवन जीने की शिक्षा देता है और हमें संतोष, शांति, और ध्यान की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस धर्म की महिमा और महत्वपूर्णता को समझने के लिए हमें उसकी शिक्षाओं को समझने और उन्हें अपने जीवन में अमल में लाने का प्रयास करना चाहिए.